लगुवा बेलवा गांव में आज का दिन बच्चों और अभिभावकों के लिए बेहद खास और खुशी से भरा हुआ रहा। अफसर सर कोचिंग सेंटर में आयोजित सम्मान समारोह में टॉपर विद्यार्थियों को चांदी का मेडल और मदनी यतीम खाना की डायरी देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर माननीय जिला परिषद जनाब अफताब ताज साहब मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम में गांव और इलाके के कई सम्मानित लोग, मीडिया साथी, समाजसेवी और अभिभावक भी शामिल हुए।
पूरा माहौल इल्म, तालीम और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की बातों से भरा हुआ था। बच्चे जब मेडल ले रहे थे, तब उनके चेहरे की खुशी देखने लायक थी। यह सिर्फ एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि बच्चों के हौसले को मजबूत करने वाला एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद जनाब अफताब ताज साहब ने कहा कि आज के दौर में सबसे ज्यादा जरूरत तालीम की है। उन्होंने कहा कि गरीब घर के बच्चे अगर पढ़ लिख जाएं, तो वह अपने पूरे खानदान की तकदीर बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान के पास पैसा हो या न हो, लेकिन अगर उसके पास इल्म है तो वह जिंदगी में कभी कमजोर नहीं पड़ता।
आफताब ताज जी ने अपने बयान में कहा:
“पढ़ाई वह हथियार है, जहां तलवार और ताकत भी काम नहीं आती। तालीम इंसान को सही और गलत की पहचान देती है।”
उनकी इस बात पर वहां मौजूद बच्चों ने तालियों से उनका स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को समझाते हुए कहा कि जिंदगी में मेहनत से बड़ा कोई रास्ता नहीं होता। जो बच्चा मेहनत करता है और अपने मां-बाप व उस्ताद की बात मानता है, वही आगे चलकर बड़ा इंसान बनता है।
गरीब बच्चों की तालीम पर दिया जोर
अफताब ताज साहब ने खास तौर पर गरीब परिवारों के बच्चों की पढ़ाई पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांव और देहात में आज भी बहुत सारे ऐसे बच्चे हैं जो पैसों की कमी की वजह से अच्छी पढ़ाई नहीं कर पाते। ऐसे में ताज जी खुद की कोचिंग में फ्री में बच्चे को तालीम देते हैं।
उन्होंने कहा कि तालीम किसी अमीर या गरीब की जागीर नहीं है। पढ़ाई हर बच्चे का हक है। चाहे बच्चा किसी भी जाति, बिरादरी या मजहब से हो, उसे पढ़ने का पूरा मौका मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा:
“अगर एक गरीब घर का बच्चा पढ़ जाता है, तो सिर्फ उसका घर नहीं बल्कि पूरा समाज मजबूत होता है।”
बच्चों को इंसानियत और बुजुर्गों की इज्जत का दिया पैगाम
अपने संबोधन में जिला परिषद साहब ने बच्चों को इंसानियत का भी बड़ा पैगाम दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ किताबें पढ़ लेना ही काफी नहीं होता। असली तालीम वह है जो इंसान को दूसरों की मदद करना सिखाए।
आफताब ताज जी ने कहा कि:
“पढ़ लिखकर सबसे पहले अपने मां-बाप और बुजुर्गों की इज्जत करना सीखो। जो बच्चा अपने बुजुर्गों की कद्र नहीं करता, उसकी पढ़ाई अधूरी है।”
उन्होंने बच्चों से अपील की कि वह अपने गांव, समाज और कमजोर लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे आएं। उन्होंने कहा कि एक पढ़े-लिखे इंसान की पहचान उसका व्यवहार होता है।
बेटा-बेटी में फर्क न करने की अपील
कार्यक्रम के दौरान अफताब ताज साहब ने समाज में फैली बेटा-बेटी की सोच पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि बच्चों को लड़का और लड़की के नाम पर बांटना गलत बात है। बेटा और बेटी दोनों अल्लाह की नेमत हैं और दोनों को बराबर तालीम मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई घरों में आज भी बेटियों की पढ़ाई को जरूरी नहीं समझा जाता, जो समाज के लिए अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर बेटियां पढ़ेंगी तो पूरा समाज आगे बढ़ेगा।
आफताब ताज जी अपने बयान में कहा:
“बेटी को कमजोर समझना सबसे बड़ी गलती है। आज बेटियां हर मैदान में लड़कों से आगे निकल रही हैं।”
उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वह अपने बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी स्कूल और कोचिंग भेजें। क्योंकि पढ़ी-लिखी बेटी पूरे परिवार का नाम रोशन करती है।
“बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” पर दिया खास संदेश
जिला परिषद साहब ने कार्यक्रम में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि समाज की तरक्की तभी होगी जब बेटियों को बराबरी का हक मिलेगा। उन्होंने कहा कि गांव और देहात में बच्चियों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा:
“जिस घर में बेटी पढ़ती है, उस घर में रहमत और बरकत आती है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपनी सोच बदलें और बेटियों को बोझ नहीं बल्कि समाज की ताकत समझें।
मोबाइल और गलत संगत से दूर रहने की सलाह
बच्चों को संबोधित करते हुए अफताब ताज साहब ने मोबाइल और गलत संगत से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में कई बच्चे अपना कीमती वक्त मोबाइल और बेकार चीजों में बर्बाद कर देते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर बच्चे अपने समय की कीमत समझ लें और मेहनत से पढ़ाई करें, तो उन्हें कामयाबी हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि जिंदगी में सफल होने के लिए मेहनत, सब्र और अच्छे संस्कार बहुत जरूरी हैं।
अफसर सर कोचिंग सेंटर की हुई तारीफ
कार्यक्रम में मौजूद माननीय अथिति ने अफसर सर कोचिंग सेंटर की काफी सराहना की। सभी ने कहा कि गांव में इस तरह के कोचिंग सेंटर बच्चों के लिए उम्मीद की किरण हैं। यहां गरीब और मध्यम परिवार के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल रही है।
अफसर सर ने कार्यक्रम में आए सभी मेहमानों, अभिभावकों और गांव के लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि उनका मकसद सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं बल्कि उन्हें अच्छा इंसान बनाना भी है।
अफसर सर ने कहा कि;
“मैं हमेशा कोशिश करूंगा कि गांव के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। बच्चों की कामयाबी ही मेरी सबसे बड़ी खुशी है।”
कार्यक्रम में कई सम्मानित लोग रहे मौजूद
इस मौके पर वैधनाथ जी, Mohammed Karim Didar जी, नौशाद जी, अधिकार न्यूज जी समेत कई सम्मानित लोग मौजूद रहे। सभी ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दुआ की और कहा कि गांव में इस तरह के कार्यक्रम लगातार होने चाहिए।
मीडिया साथियों ने भी कहा कि गांव के बच्चों के अंदर काफी हुनर है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मौका और सही दिशा देने की है।
गांव में बढ़ रही शिक्षा की जागरूकता
गांव और देहात में अब धीरे-धीरे शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। पहले जहां कई बच्चे पढ़ाई छोड़ देते थे, वहीं अब अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए आगे आ रहे हैं। इस तरह के सम्मान समारोह बच्चों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान कई बच्चों ने कहा कि अब वह और मेहनत करेंगे और अपने गांव व मां-बाप का नाम रोशन करेंगे। कुछ बच्चियों ने कहा कि उन्हें आज बहुत खुशी हुई और अब वह आगे पढ़कर बड़ी अफसर बनना चाहती हैं।
समाज के लिए मिसाल बना यह कार्यक्रम
अफसर सर कोचिंग सेंटर का यह सम्मान समारोह गांव और समाज के लिए एक मिसाल बन गया। इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि अगर बच्चों को सही माहौल और सही मार्गदर्शन मिले, तो गांव का बच्चा भी किसी से पीछे नहीं रहेगा।
लगुवा बेलवा में आयोजित यह सम्मान समारोह सिर्फ मेडल देने का कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह बच्चों को तालीम, इंसानियत और समाज सेवा का रास्ता दिखाने वाला एक प्रेरणादायक आयोजन था। जिला परिषद जनाब अफताब ताज साहब ने बच्चों को जो बातें बताईं, वह हर छात्र, अभिभावक और समाज के लिए एक सीख है।
उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस तरह के और कार्यक्रम होंगे, जिससे गांव और गरीब परिवारों के बच्चों का मनोबल और मजबूत होगा तथा शिक्षा के प्रति जागरूकता और बढ़ेगी।



