आबादपुर पुलिस की सतर्क छापेमारी से स्मैक तस्करों का खेल बिगाड़ा, पांच युवक गिरफ्तार, 36.21 ग्राम ड्रग्स बरामद

आबादपुर पुलिस की सतर्क छापेमारी से स्मैक तस्करों का खेल बिगाड़ा, पांच युवक गिरफ्तार, 36.21 ग्राम ड्रग्स बरामद

आबादपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर दो अलग-अलग स्थानों पर सफल छापेमारी की। इस कार्रवाई में स्मैक के पांच धंधेबाज युवकों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। कुल 36.21 ग्राम नशीला पदार्थ बरामद हुआ, साथ ही दो मोबाइल फोन और एक बाइक भी जब्त की गई। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया और बुधवार को उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया।

थानाध्यक्ष मोहम्मद शादाब ने बुधवार को इस कार्रवाई की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस लगातार सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के कारोबार पर पैनी नजर रखे हुए है। गुप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की गई, जिससे दो बड़े मामलों का भंडाफोड़ हो सका।

पहला मामला पश्चिम बंगाल से स्मैक लाने वाले दो युवकों से जुड़ा था। पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि बाइक पर सवार दो युवक बेहद नशीला पदार्थ लेकर आबादपुर थाना क्षेत्र की ओर बढ़ रहे हैं। तुरंत ट्रैकिंग शुरू की गई। युवकों का पीछा करते हुए पुलिस टीम बेराखोर ग्राम के समीप पहुंची और दोनों को घेर लिया। तलाशी के दौरान जलाल (पिता लतीफुर) के पास से 9.43 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जबकि उनके साथी सद्दाम (पिता जलालूद्दीन) के पास से 10.21 ग्राम स्मैक मिला। दोनों ही युवक आबादपुर थाना क्षेत्र के धर्मपुर पंचायत स्थित हाट-बलरामपुर ग्राम के निवासी बताए जा रहे हैं। मौके से उनकी बाइक और दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए।

यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि सीमावर्ती इलाकों में बाइक पर स्मैक लाने की कोशिशें अक्सर होती रहती हैं। पश्चिम बंगाल से बिहार की ओर आने वाले रास्ते अपेक्षाकृत कम निगरानी वाले माने जाते थे, लेकिन आबादपुर पुलिस की सक्रियता ने इस बार इस कोशिश को पूरी तरह नाकाम कर दिया। युवकों को कोई मौका नहीं मिला और वे रंगे हाथों पकड़े गए।

दूसरा मामला लगूवा पंचायत के बालदियागाछी ग्राम में सामने आया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि यहां कुछ युवक नशे का अवैध कारोबार चला रहे हैं। देर रात पुलिस की टीम ने गांव में पहुंचकर तीन युवकों को ड्रग्स के साथ घेर लिया। इनमें अफसर (पिता ताहिर) के पास से 5.72 ग्राम ड्रग्स की पुरीया, कबीर (पिता अब्दुल समर) के पास से 5.64 ग्राम ड्रग्स और हिसाबुल (पिता अब्दुल समर) के पास से 5.21 ग्राम ड्रग्स बरामद हुई। तीनों ही बालदियागाछी ग्राम के स्थानीय युवक हैं।

दोनों घटनाओं को मिलाकर कुल पांच युवक गिरफ्तार हुए और बरामद स्मैक की मात्रा 36.21 ग्राम हो गई। थानाध्यक्ष मोहम्मद शादाब ने स्पष्ट किया कि नशे के सौदागारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, “हमारी टीम हर समय तैयार रहती है। गुप्त सूचनाओं को तुरंत सत्यापित कर कार्रवाई की जाती है ताकि नशे का कारोबार क्षेत्र में पनपने न पाए।”

इस कार्रवाई का महत्व सिर्फ बरामदगी तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्मैक जैसे अत्यंत नशीले पदार्थ का सेवन व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह तबाह कर देता है। शुरुआत में थोड़ी मात्रा से शुरू होने वाला नशा धीरे-धीरे इतना बढ़ जाता है कि व्यक्ति न केवल अपना स्वास्थ्य गंवा बैठता है बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी चरमरा जाती है। कई युवा इस जाल में फंसकर अपराध के रास्ते पर भी चल पड़ते हैं।

आबादपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में नशे की समस्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। सीमा के पास होने के कारण तस्करी के रास्ते आसान हो जाते हैं। लेकिन पुलिस की बार-बार की सफल छापेमारियों ने इस प्रवृत्ति पर रोक लगाने में मदद की है। स्थानीय लोग इस कार्रवाई की खुलकर सराहना कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर ऐसे तस्करों को समय रहते नहीं पकड़ा गया तो गांवों के युवा नशे की लत में फंसकर अपना भविष्य गंवा देंगे। कई परिवार पहले से ही इस समस्या से जूझ रहे हैं।

कानूनी रूप से देखें तो एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत स्मैक जैसे पदार्थ की तस्करी और बिक्री पर सख्त प्रावधान हैं। छोटी मात्रा के मामलों में भी एक वर्ष तक की सजा और जुर्माना लग सकता है, जबकि मात्रा बढ़ने पर सजा दस वर्ष या उससे अधिक हो सकती है। इस मामले में कुल 36.21 ग्राम की बरामदगी छोटी मात्रा की सीमा से अधिक है, इसलिए अदालत में सजा का प्रावधान कड़ा हो सकता है। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन और बाइक के जरिए सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हुई है।

जांच के दौरान यह भी देखा जा रहा है कि क्या ये पांच युवक किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थे। कई बार छोटी-छोटी बरामदगियां बड़े माफिया तक पहुंच का रास्ता खोल देती हैं। आबादपुर पुलिस ने पहले भी ऐसी कार्रवाइयां की हैं, जिनमें सैकड़ों ग्राम ड्रग्स बरामद हुए और कई तस्करों को सजा हुई। इस बार की सफलता से क्षेत्र में नशे के कारोबारियों में डर का माहौल है।

समाज पर नशे का असर बहुआयामी है। स्वास्थ्य के अलावा यह अपराध, बेरोजगारी और पारिवारिक कलह को भी बढ़ावा देता है। युवा जो पढ़ाई या रोजगार की राह पर होना चाहिए, वे नशे में अपना समय और पैसा दोनों गंवा देते हैं। अभिभावक चिंतित रहते हैं कि कहीं उनका बच्चा इस दलदल में न फंस जाए। इसी कारण पुलिस के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी जागरूकता अभियान चला रहा है। स्कूलों और पंचायत स्तर पर नशे के दुष्परिणामों पर चर्चा हो रही है।

थानाध्यक्ष मोहम्मद शादाब ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को नशे के कारोबार या तस्करी की कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस को बताएं। गुप्त सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने कहा, “नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, पूरे समाज की है। हम सब मिलकर इस समस्या को जड़ से उखाड़ सकते हैं।”

इस सफल कार्रवाई के बाद आबादपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की छवि और मजबूत हुई है। लोग अब और अधिक विश्वास के साथ पुलिस से जुड़ रहे हैं। कई युवा भी इस घटना से सबक लेकर नशे से दूर रहने का संकल्प ले रहे हैं। 

आगे की योजना के तहत पुलिस सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ा रही है। चेकपोस्टों पर सघन तलाशी ली जा रही है। बाइक और अन्य वाहनों की नियमित जांच हो रही है ताकि कोई भी तस्कर आसानी से न निकल सके। 

इस पूरे मामले से एक बात साफ है कि छोटी-छोटी कार्रवाइयां भी बड़े बदलाव ला सकती हैं। पांच युवकों की गिरफ्तारी से न केवल 36.21 ग्राम स्मैक बाजार में नहीं पहुंच पाया बल्कि भविष्य में होने वाली कई तस्करी की कोशिशें भी रुक गईं। 

नशे का कारोबार कोई साधारण अपराध नहीं है। यह सीधे तौर पर समाज की नींव को कमजोर करता है। आबादपुर पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वे क्षेत्र की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। 

स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर हर थाना इस तरह सक्रिय रहे तो बिहार-बंगाल सीमा क्षेत्र से नशे का कारोबार पूरी तरह समाप्त हो सकता है। 

अंत में, यह कहा जा सकता है कि मंगलवार की देर रात की यह छापेमारी आबादपुर पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। पांच युवकों की गिरफ्तारी, 36.21 ग्राम ड्रग्स की बरामदगी और दो मोबाइल व एक बाइक की जब्ती ने साफ संदेश दिया है कि नशे के सौदागारों के लिए कोई जगह सुरक्षित नहीं है। पुलिस अब जांच के अगले चरण में है और जल्द ही और अधिक खुलासे होने की उम्मीद है। 

समाज को इस सफलता से प्रेरणा लेकर नशे के खिलाफ एकजुट होना चाहिए। तभी हम एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ पाएंगे। आबादपुर पुलिस की यह कार्रवाई इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।