अमौर का अधूरा पुल: तेरह बरस बाद भी हालत जस का तस Yuva Shakti Seemanchal ने उठाया आवाज, हज़ारों लोग नाव के सहारे सफ़र करने पर मजबूर
Amour's incomplete bridge in Purnia remains unusable even after 13 years due to the absence of an approach road. Thousands of residents still depend.
Media Desk
अमौर का अधूरा पुल: तेरह बरस बाद भी हालत जस का तस Yuva Shakti Seemanchal ने उठाया आवाज, हज़ारों लोग नाव के सहारे सफ़र करने पर मजबूर
बिहार के सीमांचल इलाक़े में बुनियादी ढाँचे की तरक़्क़ी को लेकर अक्सर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। नई सड़कें, पुल और दूसरी विकास योजनाएँ सरकारी कामयाबियों के तौर पर पेश की जाती हैं। मगर कई दफ़ा ज़मीनी हक़ीक़त इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करती है। पूर्णिया ज़िले के अमौर इलाक़े में मौजूद एक पुल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जो बरसों बाद आज फिर चर्चा का मरकज़ बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कनकई नदी पर करोड़ों रुपये की लागत से तामीर किया गया यह पुल तेरह बरस गुज़र जाने के बावजूद आम लोगों की ज़िंदगी में वह तब्दीली नहीं ला सका, जिसकी उनसे उम्मीद की गई थी। वजह यह बताई जा रही है कि पुल का ढाँचा तैयार होने के बावजूद उससे मुत्तसिल एप्रोच रोड अब तक मुकम्मल नहीं हो सका है। इलाक़े के बाशिंदों के मुताबिक़ इस पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। उस दौर में इसे अमौर और आसपास के कई पंचायतों के लिए एक अहम प्रोजेक्ट माना गया था। लोगों को यक़ीन था कि पुल बनने के बाद बरसों पुरानी आवागमन की मुश्किलें ख़त्म हो जाएँगी और रोज़मर्रा का सफ़र कहीं ज़्यादा आसान और महफ़ूज़ हो जाएगा। मगर वक़्त गुज…