खगड़ा मेला: किशनगंज और आस पास के जिलों का ऐतिहासिक ग्रामीण उत्सव

खगड़ा मेला किशनगंज जिले के खगड़ा मैदान परिसर में आयोजित होता है। ऐतिहासिक रूप से यह त्यौहार सर्दियों में लगता रहा है, पर हाल के वर्षों में इसकी शुरुआत
Media Desk
खगड़ा मेला: किशनगंज और आस पास के जिलों का ऐतिहासिक ग्रामीण उत्सव
समय और स्थान खगड़ा मेला किशनगंज जिले के खगड़ा मैदान परिसर में आयोजित होता है। ऐतिहासिक रूप से यह त्यौहार सर्दियों में लगता रहा है, पर हाल के वर्षों में इसकी शुरुआत दिसंबर के अंतिम सप्ताह या नए साल के प्रथम सप्ताह में होने लगी है। उदाहरण के लिए, 2025 में जिले के अधिकारियों ने इस मेले की शुरूआत 25 दिसंबर से करने की तैयारियां शुरू कीं, जबकि कुछ रिपोर्टों के अनुसार उद्घाटन जनवरी माह के प्रथम या दूसरे सप्ताह में हो सकता है. मेला लगभग एक माह तक चलता है और दूर-दराज के गांवों से भी यहाँ आते हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि GaonNama.Com  के अनुसार खगड़ा मेले की नींव 1883 में तत्कालीन पूर्णिया जिले के अंग्रेज़ जिला मजिस्ट्रेट ए. विक्स तथा खगड़ा नवाब सैयद अता हुसैन खान ने मिलकर रखी थी। पहले इस खगड़ा मेले को ‘विक्स मेला’ के नाम से जाना जाता था। जमींदारी प्रथा के  (1950 के दशक) के बाद मेले को जिला प्रशासन ने संभाला और ‘खगड़ा मेला’ के नाम से आयोजित करना शुरू किया गया। एक समय यह सोनपुर मेले के बाद एशिया का दूसरा सबसे बड़ा पशु मेला था। और 1950 में केवल पशु व्यापार से ही मेले को ₹80 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ था।  19…